साहित्यिक लेखन सम्मान से अलंकृत हुई सुनीता खरे

कायस्थ बंधु समिति ने दिया चित्रगुप्त सम्मान। 


मंडीदीप। समाज को बेहतर बनाने मे साहित्यकारों की बहुत बढी भूमिका होती है।साहित्य लेखन से न केवल खुद का विकास होता है बल्कि समाज को भी नवीन दिशा मिलती है।साहित्यकारो ने समाज को अपनी लेखन के जरिए नैतिकता,सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ साथ मानवीय संवेदनशीलता के महत्व को भी समझाया है।ऐसे साहित्यकारो के मान सम्मान को लेकर कायस्थ बंधु समिति लगातार कार्प कर रही है।इसी कड़ी मे रविवार को वार्ड 24 स्क्वायर कालोनी मे श्रीमति सुनीता सुधीर खरे को भोपाल से कायस्थ बंधु समिति ने साहित्यक लेखन सम्मान से अलंकृत किया है।सुनीता खरे को समिति के अध्यक्ष गिरीश.श्रीवास्तव ने पीला गमछा पहनाकर सम्मान मे स्मृति चिन्ह,सम्मान पत्र प्रदान कर श्री चित्रगुप्त भगवान की तस्वीर भेट की।सुनीता को यह सम्मान साहित्यक कविताओ के लेखन करने के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र मे उत्कृष्ट,श्रेष्ठ कार्य करने के उपलक्ष्य मे दिया गया है।आपने बताया कि मै साहित्यक लेखन से.न केवल धन,यश कमाना चाहते है बल्कि समाज को नवीन दिशा देना मेरा जीवन का उद्देश्य भी है।खास बात यह है कि सुनीता खरे कायस्थ बंधु महाअभियान से संबंधित कविताओ का समय समय पर लेखन भी कर रही है। इस सम्मान कार्यक्रम मे परिवार से सुधीर खरे ,स्वाति खरे ,अमन खरे सहित शामिल हुए है।



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